मंगल दोष निवारण पूजा
उज्जैन में
Pandit Nandkishor Guruji — 28+ वर्षों का वैदिक अनुभव
क्या आपकी कुंडली में मंगल दोष है? क्या विवाह में बार-बार बाधाएं आ रही हैं, स्वास्थ्य बिगड़ रहा है या गृह क्लेश हो रहा है? महाकाल की नगरी उज्जैन में Pandit Nandkishore Pandey जी द्वारा प्रामाणिक वैदिक मंगल दोष निवारण पूजा करवाएं और जीवन के हर क्षेत्र में विजय प्राप्त करें।
मंगल दोष क्या होता है?
हिंदू ज्योतिष शास्त्र में जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मंगल ग्रह लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित होता है, तो उसे "मंगल दोष" या "कुज दोष" कहते हैं। इसे "अंगारक योग" भी कहा जाता है।
मंगल ग्रह को शक्ति, साहस और आक्रामकता का ग्रह माना जाता है। जब यह अशुभ भाव में होता है, तो विवाह, स्वास्थ्य, गृह जीवन और करियर में बाधाएं उत्पन्न करता है। भारतीय ज्योतिष में इसे विशेष महत्व दिया गया है।
विशेष रूप से विवाह के संदर्भ में यह दोष अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। दो मांगलिक व्यक्तियों का विवाह इस दोष को संतुलित करता है। उचित निवारण पूजा से यह दोष शांत होता है。
🪔 Pandit Nandkishore Pandey जी — "मंगल दोष एक ग्रहीय असंतुलन है। महाकाल की शक्ति और विधिवत पूजा से इसका शमन संभव है। हजारों श्रद्धालुओं का जीवन इस पूजा से बदला है।"
मंगल दोष की पहचान
कुंडली के 1, 4, 7, 8 या 12 भाव में मंगल की स्थिति — यही इस दोष की मुख्य पहचान है।
विवाह पर प्रभाव
मांगलिक व्यक्ति के विवाह में देरी, वैवाहिक तनाव और दांपत्य जीवन में कठिनाइयाँ।
स्वास्थ्य पर असर
रक्त संबंधी रोग, उच्च रक्तचाप, चोट और दुर्घटनाओं की अधिक संभावना।
निवारण संभव है
उज्जैन में महाकाल के समक्ष विशेष मंगल शांति पूजा से इस दोष का शमन होता है।
मंगल दोष के लक्षण और संकेत
यदि आपके जीवन में नीचे दिए संकेत बार-बार आ रहे हैं, तो कुंडली में मंगल दोष की जांच करवाएं।
विवाह में बार-बार बाधा
रिश्ते आते हैं लेकिन टूट जाते हैं, विवाह की उम्र निकल जाती है, हर बात बनते-बनते बिगड़ जाती है。
अत्यधिक क्रोध और आवेश
बात-बात पर गुस्सा आना, आवेश में गलत निर्णय लेना और रिश्तों में टकराव।
बार-बार चोट या दुर्घटना
चोट लगने की प्रवृत्ति, रक्त संबंधी समस्याएं, ऑपरेशन की पुनरावृत्ति।
गृह क्लेश और झगड़े
घर में लगातार कलह, पति-पत्नी में मनमुटाव और पारिवारिक अशांति।
करियर में बाधाएं
मेहनत के अनुसार परिणाम न मिलना, वरिष्ठों से विवाद और पदोन्नति का रुकना।
संपत्ति विवाद
जमीन-जायदाद के मामलों में कोर्ट-कचहरी, भाई-बंधुओं से संपत्ति झगड़े।
मानसिक उग्रता
निर्णय लेने में जल्दबाजी, आक्रामक व्यवहार जो रिश्तों को नुकसान पहुंचाए।
संतान में समस्याएं
संतान का स्वास्थ्य बिगड़ना, उनके करियर में बाधाएं या उनसे दूरी।
विधवा/विधुर योग का भय
कुंडली मिलान में बार-बार मांगलिक दोष का उल्लेख होना और रिश्ते टूटना।
मंगल दोष के प्रमुख प्रकार
मंगल ग्रह के भाव स्थान के अनुसार इस दोष के पाँच प्रमुख प्रकार होते हैं। हर प्रकार का प्रभाव और उपाय अलग होता है।
प्रथम भाव मंगल दोष
व्यक्तित्व पर प्रभाव — अत्यधिक आत्मविश्वास, आक्रामकता और शरीर पर चोट की संभावना।
चौथे भाव का मंगल दोष
घर-परिवार पर प्रभाव — गृह क्लेश, माता के साथ तनाव और संपत्ति विवाद।
सातवें भाव का मंगल दोष
विवाह और साझेदारी पर प्रभाव — सबसे महत्वपूर्ण दोष जो दांपत्य सुख को प्रभावित करता है।
आठवें भाव का मंगल दोष
आयु और दुर्घटना पर प्रभाव — स्वास्थ्य संकट, दुर्घटना की संभावना और अचानक कठिनाइयाँ।
बारहवें भाव का मंगल दोष
व्यय और गुप्त जीवन पर प्रभाव — अनावश्यक खर्च, वैवाहिक गोपनीयता और अंतर्द्वंद्व।
अंगारक दोष (उग्र मंगल)
मंगल+राहु या मंगल+शनि की युति से बनने वाला विशेष दोष — अत्यंत प्रबल प्रभाव।
मंगल दोष से जीवन की समस्याएं
मंगल का अशुभ प्रभाव जीवन के हर पहलू को प्रभावित करता है। समय पर निवारण आवश्यक है।
वैवाहिक जीवन में संकट
पति-पत्नी के बीच लगातार झगड़े, अलगाव की नौबत और तलाक की संभावना — मंगल दोष का सबसे प्रमुख प्रभाव।
स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियाँ
उच्च रक्तचाप, रक्त विकार, शल्य चिकित्सा की पुनरावृत्ति और चोट-दुर्घटनाओं की अधिकता।
करियर और व्यवसाय में टकराव
वरिष्ठों और सहयोगियों के साथ विवाद, व्यावसायिक साझेदारी टूटना और नौकरी में स्थायित्व की कमी।
संपत्ति और भूमि विवाद
अचल संपत्ति के मामलों में कानूनी विवाद, भाई-बहनों से मनमुटाव और विरासत में झगड़े।
पारिवारिक अशांति
घर में नकारात्मक वातावरण, सास-ससुर से टकराव और बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव।
मानसिक आवेग और निर्णय में गलतियाँ
क्रोध में लिए गए निर्णय जो बाद में पश्चाताप का कारण बनते हैं और रिश्तों को तोड़ते हैं。
क्या आप मंगल दोष से पीड़ित हैं?
Pandit Nandkishor Guruji से निःशुल्क परामर्श लें। आपकी कुंडली देखकर दोष की गंभीरता और उचित उपाय बताएंगे।
📞 +91 9131572583 💬 WhatsApp पर पूछेंउज्जैन में मंगल पूजा क्यों?
मंगल दोष निवारण के लिए उज्जैन भारत का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ स्थान है।
जय महाकाल
उज्जैन — भारत की सात पुरियों में से एक, जहाँ काल के देव महाकालेश्वर विराजते हैं। यहाँ मंगल शांति पूजा का फल अन्यत्र की तुलना में कई गुना अधिक होता है।
Pandit Nandkishore Pandey जी 28+ वर्षों से इसी पवित्र भूमि पर सेवा कर रहे हैं 🙏
महाकालेश्वर — काल के देव
महाकाल स्वयं मंगल के स्वामी हैं। उनके समक्ष की गई पूजा मंगल दोष को तीव्रता से शांत करती है।
शिप्रा नदी — पवित्र स्नान
पूजा से पहले शिप्रा स्नान का विशेष महत्व है। यह स्नान मंगल दोष की नकारात्मक ऊर्जा को क्षीण करता है।
मंगलनाथ मंदिर — जन्म स्थान
उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर को मंगल ग्रह का जन्म स्थान माना जाता है — मंगल दोष निवारण की सबसे पवित्र जगह।
वैदिक परंपरा का केंद्र
उज्जैन के विद्वान पंडित वैदिक ज्ञान की शुद्धतम परंपरा के वाहक हैं। यहाँ की पूजा प्रामाणिक होती है।
पूजा के चमत्कारी लाभ
मंगल दोष निवारण पूजा के बाद श्रद्धालुओं को जीवन में ये सकारात्मक बदलाव अनुभव होते हैं।
वैवाहिक जीवन में मधुरता
पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता है, झगड़े कम होते हैं और रिश्ता मजबूत होता है।
विवाह की बाधाएं दूर होती हैं
लंबे समय से रुका विवाह संपन्न होता है और योग्य जीवनसाथी मिलता है。
स्वास्थ्य में सुधार
रक्त संबंधी रोगों में कमी, दुर्घटनाओं से सुरक्षा और जीवनशक्ति में वृद्धि।
करियर में उन्नति
मंगल की शुभ ऊर्जा से साहस और कार्यक्षमता बढ़ती है, पदोन्नति के अवसर मिलते हैं।
गृह सुख और शांति
घर में सकारात्मकता आती है, परिवार के सदस्यों में एकता और प्रेम बढ़ता है।
क्रोध पर नियंत्रण
आवेग और क्रोध नियंत्रित होता है, निर्णय क्षमता बेहतर होती है।
आर्थिक स्थिरता
संपत्ति विवाद सुलझते हैं, व्यवसाय में साझेदारी सफल होती है और धन वृद्धि होती है।
सकारात्मक ऊर्जा का संचार
जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है, नई शुरुआत का साहस मिलता है और भाग्य खुलता है।
पूजा विधि — कैसे होती है यह पूजा?
Pandit Nandkishore Pandey जी द्वारा सम्पन्न मंगल दोष निवारण पूजा पूर्णतः वेद-शास्त्र सम्मत विधि से होती है।
शिप्रा स्नान और संकल्प
पवित्र शिप्रा नदी में स्नान से शुद्धि होती है। इसके पश्चात यजमान के नाम, गोत्र और उद्देश्य से संकल्प लिया जाता है।
गणेश पूजन और मंगल स्थापना
विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा के पश्चात मंगल यंत्र और मंगल की प्रतिमा स्थापित की जाती है।
मंगल ग्रह शांति पूजन
मंगल के बीज मंत्र "ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः" का 108 बार जाप और मंगल के विशेष अभिषेक।
नवग्रह पूजन
मंगल सहित सभी नवग्रहों की विधिवत पूजा। राहु-केतु और शनि की शांति जो मंगल के प्रभाव को बढ़ाते हैं।
हवन और मंगल आहुति
मंगल की प्रिय सामग्री — लाल फूल, गुड़, तिल और गेहूं से 108 आहुतियाँ। अग्नि में मंत्रों की आहुति से वातावरण शुद्ध होता है。
महाकालेश्वर अभिषेक दर्शन
मंगल पूजा के पश्चात महाकालेश्वर के विशेष दर्शन और अभिषेक — उज्जैन पूजा का सर्वोच्च अनुभव।
परिचय — Pandit Nandkishor Guruji
Pandit Nandkishor Guruji
(Pandit Nandkishore Pandey) — Ujjain
Pandit Nandkishor Guruji का जन्म एक परंपरागत पंडित परिवार में हुआ। बचपन से ही वेद-पुराण और ज्योतिष में उनकी अगाध श्रद्धा थी। महाकाल की नगरी उज्जैन को अपनी कर्मभूमि बनाकर 28 से अधिक वर्षों से वे वैदिक पूजा-अनुष्ठानों की सेवा में समर्पित हैं।
मंगल दोष निवारण पूजा में उनकी विशेष दक्षता है। मंगलनाथ मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर में उनकी गहरी पहुंच और विशेष अनुभव के कारण देशभर से मांगलिक श्रद्धालु उनसे पूजा करवाने आते हैं।
वैदिक शिक्षा
परंपरागत गुरु-शिष्य परंपरा
उज्जैन में 28+ वर्ष
महाकाल नगरी में सेवा
10,000+ पूजाएं
सफलतापूर्वक सम्पन्न
देशभर से श्रद्धालु
अखिल भारतीय प्रसिद्धि
श्रद्धालु क्यों चुनते हैं Pandit Nandkishore Pandey जी को?
हजारों संतुष्ट श्रद्धालु और 28+ वर्षों का अटूट विश्वास — यही हमारी पहचान है।
28+ वर्षों का वैदिक ज्ञान
गुरु-शिष्य परंपरा में प्राप्त अनुभवजन्य ज्ञान — हर पूजा में शास्त्रों का पूर्ण पालन।
व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण
हर यजमान की कुंडली अलग होती है — Pandit जी उसी के अनुसार पूजा विधि तय करते हैं।
Same Day Puja उपलब्ध
अचानक उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उसी दिन पूजा — एक कॉल पर सब तैयार।
Online Live पूजा सुविधा
दूर बैठे परिवार के लिए WhatsApp Live पूजा में शामिल होने की पूर्ण व्यवस्था।
मंगलनाथ मंदिर विशेष पहुंच
उज्जैन के प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में विशेष पूजा की व्यवस्था — दुर्लभ अनुभव।
पूजा उपरांत नि:शुल्क मार्गदर्शन
पूजा के बाद क्या करें, क्या न करें — Pandit जी का विशेष परामर्श बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के。
इस पूजा को किन्हें करवाना चाहिए?
मांगलिक कुंडली
जिनकी कुंडली में ज्योतिषी ने मंगल दोष बताया हो。
विवाह में बाधाएं
जिनके विवाह में बार-बार रुकावट आती हो。
दांपत्य में कलह
जिनके वैवाहिक जीवन में लगातार तनाव हो。
बार-बार चोट या दुर्घटना
जिन्हें बार-बार चोट लगती हो या दुर्घटनाएं होती हों。
संपत्ति विवाद
जिनके घर में जमीन-संपत्ति से जुड़े झगड़े हों。
अत्यधिक क्रोध और आवेग
जिनका क्रोध उनके रिश्तों और करियर को नुकसान पहुंचा रहा हो。
पूजा में क्या-क्या शामिल है?
संकल्प और गणेश पूजन
विधिवत संकल्प और विघ्नहर्ता गणेश की आराधना से पूजा का शुभारंभ。
मंगल यंत्र स्थापना
पवित्र मंगल यंत्र की स्थापना और उसका अभिषेक。
मंगल ग्रह शांति पाठ
मंगल के शास्त्रोक्त मंत्रों का 108 बार जाप。
मंगल हवन और आहुति
लाल फूल, गुड़ और तिल से 108 आहुतियाँ。
मंगलनाथ मंदिर दर्शन
उज्जैन के प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में विशेष पूजा。
महाकालेश्वर दर्शन
पूजा के पश्चात महाकाल मंदिर में विशेष दर्शन。
Same Day Puja — सरल प्रक्रिया
Call या WhatsApp
कुंडली जानकारी
मुहूर्त निर्धारण
उज्जैन पहुंचें
पूजा सम्पन्न
पूजा से पहले महत्वपूर्ण निर्देश
लाल वस्त्र धारण करें
मंगल पूजा में लाल या नारंगी रंग के वस्त्र विशेष शुभ माने जाते हैं। काले वस्त्र वर्जित हैं。
व्रत रखें या फलाहार लें
पूजा के दिन उपवास करें या केवल फलाहार लें। मांस-मदिरा सेवन न करें。
जन्म विवरण साथ रखें
जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान की जानकारी अवश्य लाएं。
दंपत्ति साथ आएं
विवाह संबंधी मंगल दोष में पति-पत्नी दोनों का उपस्थित होना अत्यंत लाभकारी है。
दिव्य पूजा एवं अनुष्ठान गैलरी






श्रद्धालुओं के वास्तविक अनुभव
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मंगल दोष निवारण पूजा की लागत कितनी है?
सटीक जानकारी के लिए Pandit Nandkishor Guruji से सीधे बात करें: +91 9131572583。
क्या हर मंगल मांगलिक होता है?
नहीं। मंगल केवल 1, 4, 7, 8 और 12वें भाव में होने पर ही मंगल दोष उत्पन्न करता है。
क्या Online या Video Call पर पूजा में शामिल हो सकते हैं?
हाँ! जो श्रद्धालु उज्जैन नहीं आ सकते उनके लिए WhatsApp Video Call पर Live पूजा में शामिल होने की पूर्ण व्यवस्था है。
महाकाल और मंगल देव की कृपा से
अपने जीवन की बाधाएं दूर करें
मंगल दोष आपके जीवन में बाधा हो सकता है — लेकिन यह अंत नहीं है। उज्जैन में मंगलनाथ मंदिर और महाकालेश्वर के सानिध्य में Pandit Nandkishore Pandey जी द्वारा प्रामाणिक मंगल दोष निवारण पूजा करवाएं। जय महाकाल! 🙏